Friday, April 10, 2009

फूल

फूल जब तक होता है डाली पर, उस डाली को सजाता है,
जो भी देखता है, उसके दिल में एक अजीब-सा सुकूँ लाता है।
जो भी आता है पास, उसको अपनी खुशबू से महकाता है।।
जब तोड़ लेता है कोई, किसी और की सुन्दरता बन जाता है,
जब लबों से न कह पाये, तो प्यार का इज़हार बन जाता है।
मुरझाकर किताबों में, किसी के प्यार की निशानी बन जाता है।।

काश हम इस बेजुबाँ, इस मासूम से कुछ सीख पाते,
मरने के बाद न सही, जीते जी किसी का जीवन महका पाते।

1 comment:

Bug said...

Flowers never emit so sweet and strong a fragrance as before a storm.

When a storm approaches thee, be as fragrant as a sweet-smelling flower.