खूबसूरती की परिभाषा तो नहीं पता थी मुझको,
बस जिसमें भी तेरा अक्स नज़र आ जाए।
सारी उलझनों भूलने को एक नया ग़म लगा लिया मैंने,
बस जो वक़्त तेरे ख्यालों में गुजर जाए।।
बस जिसमें भी तेरा अक्स नज़र आ जाए।
सारी उलझनों भूलने को एक नया ग़म लगा लिया मैंने,
बस जो वक़्त तेरे ख्यालों में गुजर जाए।।