Thursday, November 3, 2016

खूबसूरती की परिभाषा तो नहीं पता थी मुझको,
बस जिसमें भी तेरा अक्स नज़र आ जाए।

सारी उलझनों भूलने को एक नया ग़म लगा लिया मैंने,
बस जो वक़्त तेरे ख्यालों में गुजर जाए।।

Sunday, September 22, 2013

ख्वाबों की कोई सीमा नहीं थी..

ख्वाबों की कोई सीमा नहीं थी
नींद की बस यही बात मुझे अच्छी लगी थी
छू सकता था हर उस एहसास को
खुली आँखों में जिनसे ख्वाइश डरने लगी थी
भूल जाता शायद किस्मत मानकर
पर नींद ने ख्वाबों का दामन ही नहीं छोड़ा 
बेमाने से लगे मुझे कितनी बार वो 
पर दिल ने उनको पाने का होंसला नहीं छोड़ा
थक गया था जितना भी दिन भर में
नींद के बाद मानो हर मायूसी ढलने लगी थी
ख्वाबों की कोई ...
ख्वाबों की तरफ जितना दौड़ा
नींद भी उतनी ही कम और गहरी होती गई
फर्क था हकीकत और ख्वाब में
नींद ख़ुद  ही वो फासला बनाती चली गई
नींद न आना उसकी नाराजगी नहीं
वक़्त के साथ दोस्ती उस से बढ़ने लगी थी
ख्वाबों की कोई ...

Tuesday, April 14, 2009

इतनी मोहब्बत की तुमसे, तुमको खुदा बना दिया।
जो अगर कोई करता मुझसे, तो उसे खुदा मान लेता।।
मजबूरियां बस जिन्दगी की नही, मौत की भी है।
हार जाती है जब कोई जिन्दगी, तो ही जी पाती है मौत।।

Monday, April 13, 2009

नफ़रत की आग

कहते है ख़ुद को हिन्दू और मुसलमान हम, जानवर भी हमसे अच्छा रहता है।
क्या मिल जायेगा उस मन्दिर या मस्जिद को खड़ा कर, जो लाशों के ढ़ेर पर बनता है।।
जला रहे आज जिंदा लोगों को, नफ़रत की आग में इन्सानियत जल रही।
हो रहे बच्चे अनाथ, औरतें विधवा, और कितनी माँ की गौद उजड़ रही।।
हर तरफ़ भुखमरी, हर तरफ़ तबाही, हर तरफ़ खून की नदियाँ बह रही।
खरीद रहे खंजर और बंदूक हम, भूखे को खिलाने के लिए न रोटी रही।।
रोता होगा खुदा और भगवान आज, राम और अल्लाह के नाम पर जंग हो रही।
जीत न हिन्दू की और न मुसलमान की, आज हार बस इन्सानियत की हो रही।।
देखते है तमाशा बैठ घर में, बाहर कितने मासूम बच्चे और औरतें जल रही।
बंद हो गए चूल्हे कितने घर के, माँ अब भी अपने बच्चों की राह तक रही।।
ना देखता कोई जाकर उन मासूमों को, रो- रोकर जिनकी आँखें भी सूख गई।
ना लगाता कोई मरहम उन बेबसों के जख्मों पर, जिनकी हर उम्मीद टूट गई।।
क्या फायदा उस हिन्दू या मुसलमान होने का, जहाँ ना है दया, धर्म के नाम पर ये सब होता है।
अच्छा हूँ बस एक इन्सान ही, जिसके दिल में खुदा और भगवान, देखकर दूसरे का दर्द रो देता है ।।

Friday, April 10, 2009

यादों का धुआँ

यादों का धुआँ आज फिर, मेरी पलकों से कुछ आँसू गिरा गया।
फिर वो भूली यादों का कारवाँ, मेरे आज से कुछ लम्हे चुरा गया।।
आज फिर कुछ लफ़्ज़ मेरे होंठो तक आकर रुक गए।
फिर कुछ कदमों के फ़ासले पर जाकर कदम मुड़ गए।।
आज फिर देखता हूँ मुड़कर शायद कोई पुकारता हो।
फिर कुछ अनकही बातें सुन लेने को कदम रुक गए।।
यादों का धुआँ आज फिर, उन्ही कदमों की आहट सुना गया।
यादों का धुआँ आज फिर, मेरी पलकों से कुछ आँसू गिरा गया।।

फूल

फूल जब तक होता है डाली पर, उस डाली को सजाता है,
जो भी देखता है, उसके दिल में एक अजीब-सा सुकूँ लाता है।
जो भी आता है पास, उसको अपनी खुशबू से महकाता है।।
जब तोड़ लेता है कोई, किसी और की सुन्दरता बन जाता है,
जब लबों से न कह पाये, तो प्यार का इज़हार बन जाता है।
मुरझाकर किताबों में, किसी के प्यार की निशानी बन जाता है।।

काश हम इस बेजुबाँ, इस मासूम से कुछ सीख पाते,
मरने के बाद न सही, जीते जी किसी का जीवन महका पाते।

Thursday, April 9, 2009

Wish you a ..

Wish you a Faith..
Faith which turns a stone in God, keeps hope alive
Faith on which one can live whole life
Faith which makes you believe that dreams come true
Faith which fills peace deep inside you

Wish you a Love..
Love which never expects, sincere and true
Love which gives wings to fly and strength within you
Love which keeps you smile and eases pain
Love which brings beauty like a rainbow after rain

Wish you a Hope..
Hope which doesn't know defeat, always fights
Hope which floats like a boat in the stormy nights
Hope which never dies, conquers dark fear
Hope which heals deep wounds and wipes away tear

Sunday, March 22, 2009

पूछा किसी ने क्या हो गया है तुझे, आख़िर क्या है तुझको उसमें नज़र आया।
(जवाब था मेरा)
कायल था मैं जिस ख़ुदा की खुबसूरती का, वो
ख़ुदा है मुझको उसमें नज़र आया।।
हम तुमसे दिल की बात तो कहदें, मगर तेरे इन्कार से डरते है।
ना से हाँ की उम्मीद अच्छी, इसलिए तुम्हें छिपकर प्यार करते है।।

Friday, February 27, 2009

Sometimes I feel my life ..

Sometimes I feel my life like a player application,
Though it is not alive, but somehow it is replication.
It supports some formats, some it will not play,
Like some dreams come true, some slips away.
Sometimes b/w is low, sometimes bitrate is high,
Like the desires, my life is not able to justify.
Like player throws error, life complains about things,
Like A/v sync issue, life keeps holding past strings.
Player doesn't have emotions, life is killing mine,
I am working day and night just to make playback fine.

Thursday, June 26, 2008

कोई आरजू कोई तमन्ना नही‚ आज ख़ुद को तलाश करने चला हूँ।
कोई होगा आसमां के पार‚ मैं कोई खुदा जमीं पर तलाश करने चला हूँ।।